सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

'पश्चिमी घाट' की किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।

' पश्चिमी घाट ' की किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।

उत्तर. पश्चिमी घाट की एक महत्वपूर्ण विशेषता में जैविक विविधता और स्थानविशेष का जैवप्रकृतिवाद का स्तर असाधारण होता है। इस पर्वत श्रृंखला को श्रीलंका के साथ-साथ दुनिया के आठ ‘तप्ततम गर्म स्थानों’ में से एक माना जाता है। पश्चिमी घाट के वनों में विश्व के गैर भूमध्यरेखीय उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के सर्वोत्तम नमूने मिलते हैं।

1. पश्चिमी घाट पहाड़ों की एक ऊंची और निरंतर श्रृंखला है।

2. पश्चिमी घाट की औसत ऊंचाई लगभग 1,500 मीटर है।

3. पश्चिमी घाट विभिन्न प्रायद्वीपीय नदियों का उद्गम स्थल है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जाति प्रथा की किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।

जाति प्रथा की किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन जाति प्रथा की निम्न विशेषताएं हैं - जाति जन्म पर आधारित होती है  जाति व्यवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता यह है की जाति जन्म से आधारित होती है। जो व्यक्ति जिस जाति मे जन्म लेता है वह उसी जाति का सदस्य बन जाता है। जाति का अपना परम्परागत व्यवसाय प्रत्येक जाति का एक परम्परागत व्यवस्था होता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण जजमानी व्यवस्था रही है। जजमानी व्यवस्था मे जातिगत पेशे के आधार पर परस्पर निर्भरता की स्थिति सामाजिक संगठन का आधार थी। लेकिन आज आधुनिकता के चलते नागरीकरण, औधोगीकरण आदि के चलते अब जाति का अपना परम्परागत व्यवसाय बहुत कम रह गया है। जाति स्थायी होती है जाति व्यवस्था के अन्तर्गत प्रत्येक व्यक्ति की जाति हमेशा के लिए स्थायी होती है उसे कोई छुड़ा नही सकघता या बदल नही सकता। कोई भी व्यक्ति अगर आर्थिक रूप से, राजनैतिक रूप से या किसी अन्य साधन से कितनी भी उन्नति कर ले लेकिन उसकी जाति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नही हो सकता। ऊंच- नीच की भावना हांलाकि अब वर्तमान भारतीय ग्रामीण समाज में जाति के परम्परागत संस्तरण के आधारों मे परिवर्तन आया है...

भारत सरकार अधिनियम 1935 की प्रमुख विशेषताओं की परख कीजिए ।

भारत सरकार अधिनियम 1935 की प्रमुख विशेषताओं की परख कीजिए । 1935 के अधिनियम(Act of 1935) द्वारा अखिल भारतीय संघ की स्थापना की गई तथा केन्द्र में द्वैध शासन स्थापित किया गया। गवर्नर-जनरल को कुछ विशेष अधिकार देकर संघीय व्यवस्थापिका को शक्तिहीन बना दिया गया।मुस्लिम लीग ने प्रांतीय स्वायत्तता की माँग पर जोर दिया था, ताकि मुस्लिम बहुमत वाले प्रांतों में वे स्वतंत्र और केन्द्र से मुक्त रह सकें। 1935 का अधिनियम की विशेषताएँ - 1935 के अधिनियम द्वारा सर्वप्रथम भारत में संघात्मक सरकार की स्थापना की गयी। इस संघ को ब्रिटिश भारतीय प्रांत कुछ भारतीय रियासतें जो संघ में शामिल होना चाहती थी, मिलकर बनाया गया था। 1935 के अधिनियम द्वारा प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त करके केन्द्र में द्वैध शासन लागू किया गया। केन्द्रीय सरकार की कार्यकारिणी शक्ति गवर्नर जनरल में निहित थी। संघ में प्रशासन के विषय दो भागों में विभक्त थे– 1.) हस्तान्तरित 2.) रक्षित। रक्षित विषयों में प्रतिरक्षा, विदेशी मामले, धार्मिक विषय और जनजातीय क्षेत्र सम्मिलित थे। बाकी सारे विषय हस्तांतरित ग्रुप में आते थे। सन् 1935 के अधिनियम द्वारा प्...

नगर परिषद अपने व्यय के लिये धन किस प्रकार प्राप्त करती है ? कोई दो तरीके लिखिए ।

नगर परिषद अपने व्यय के लिये धन किस प्रकार प्राप्त करती है ? कोई दो तरीके लिखिए । नगर परिषद के आय के स्रोत -  धन के बिना कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता । नगर परिषदों के पास आय के भिन्न - भिन्न स्रोत हैं । इन स्रोतों को निम्न श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है :  कर : सम्पत्ति , वाहन , मनोरंजन तथा विज्ञापन आदि पर कर से प्राप्त आय ।  किराया तथा शुल्क / अधिभार : जलापूर्ति शुल्क , सीवर व्यवस्था शुल्क , लाइसेन्स फीस , सामुदायिक भवनों , बरात घरों तथा दुकानों आदि का किराया ।  अनुदान : राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान । जुर्माने : कर न देने वालों , कानून तोड़ने वालों तथा कानून का अतिक्रमण करने वालों पर किए गए जुर्मानों से प्राप्त आय ।

Nios Class 10 Social Science Chapter 22

Nios Class 10 Social Science Chapter 22 | जनता की सहभागिता तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया | परीक्षा में आने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न | Social Science (213)

जयन्तिया तथा गारो लोगों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह क्यों किया था ? व्याख्या कीजिए ।

जयन्तिया तथा गारो लोगों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह क्यों किया था ? व्याख्या कीजिए । जयंतिया और गारों विद्रोह ( 1860-1870 ) :  प्रथम एंग्लो - बर्मा युद्ध के उपरांत अंग्रेजों ने ब्रह्मपुत्र घाटी ( आधुनिक असम ) को सिल्हट ( आज का बांग्लादेश ) से जोड़ने के लिए एक सड़क बनाने की योजना बनाई । भारत के उत्तर - पूर्वी भाग ( आधुनिक मेघालय ) में जयंतिया और गारों लोगों ने इस सड़क के निर्माण का विरोध किया जो कि अंग्रेजों के लिए सैन्यदलों के आवागमन के लिए यौद्धिक महत्व की थी । 1827 में जयंतिया लोगों ने काम को रोकने की कोशिश की और बहुत जल्दी ही यह असंतोष पड़ोस की गारो पहाड़ियों तक फैला गया । सतर्क अंग्रेजों ने कुछ जयंतिया और गारो गांवों को जला दिया । अंग्रेज़ों द्वारा सन् 1860 के दशक में गृहकर और आयकर शुरु किए जाने पर यह शत्रुता और भी बढ़ गई । जयंतियाओं के नेता यू कियांग नाँगवाह को गिरफ्तार कर लिया गया और सार्वजनिक रूप से उसे फांसी दे दी गई और गारो नेता तोगान संगमा अंग्रेजों से हार गए ।

वन्य जीवन अभयारण्य किस प्रकार महत्वपूर्ण है ? कोई चार कारण स्पष्ट कीजिए ।

वन्य जीवन अभयारण्य किस प्रकार महत्वपूर्ण है ? कोई चार कारण स्पष्ट कीजिए । वन्यजीव अभयारण्य वन्यजीव अभयारण्यों के मुख्य उद्देश्य वन्य जीवन की व्यवहार्य आबादी और अपने वांछित वास के रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए है । भारत वन्यजीव अभयारण्यों , लगभग 2000 पक्षी , स्तनधारियों की 3500 प्रजातियां, कीड़ों की लगभग 30,000, पौधों के 15000 किस्मों का घर है । इन अभयारण्यों और वन क्षेत्र में एशियाई हाथी, रॉयल बंगाल टाइगर, हिम तेंदुए और साइबेरियन क्रेन की तरह कई लुप्तप्राय जानवरों और पक्षियों की प्रजातियां निवास करती हैं । भारत के वन्यजीव अभयारण्य कई जानवरों की कुछ विशेष प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध हैं । उदाहरण के लिए, असम में काजीरंगा भारतीय गैंडा लिए जाना जाता है, जबकि केरल में पेरियार उसके हाथियों के लिए प्रसिद्ध है । भारत में 551 वन्यजीव अभयारण्य हैं । भारत भी कई प्रवासी पशुओं और ओलिव रिडले , समुद्री कछुए , साइवेरियन क्रेन और राजहंस की तरह पक्षियों का घर है ।  नेशनल पार्क - राष्ट्रीय पार्कों की स्थापना का उद्देश्य प्राकृतिक और ऐतिहासिक वस्तुओं और वन्य जीवन संरक्षण है जिसमें वन्य जीवों को ...

भारत में ब्रिटिश शासन में साहूकार वर्ग के बढ़ने के कोई दो कारण स्पष्ट कीजिए ।

भारत में ब्रिटिश शासन में साहूकार वर्ग के बढ़ने के कोई दो कारण स्पष्ट कीजिए । भारत में ब्रिटिश शासन में साहूकार वर्ग के बढ़ने के कोई दो कारण - गैर-आर्थिक दबाव और बल प्रयोग और किसानों को दण्ड देने के अधिकार भी दिये जाते थे ताकि वे अपना भू-राजस्व की वसूल का काम ठीक तरह कर सकें ।

भारत में निर्वाह कृषि की कोई दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

भारत में निर्वाह कृषि की कोई दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए । निर्वाह कृषि : - इस प्रकार की कृषि स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए की जाती है । इसका मुख्य उद्देश्य किसी दिये गये क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों के जीवन निर्वाह से होता है । स्थानान्तरी कृषि, स्थायी कृषि तथा गहन कृषि जीवन निर्वाह कृषि के प्रकार हैं । इस कृषि में जोतों का आकार छोटा होता है , मानवीय श्रम तथा साधारण कृषि यंत्रों का अधिक उपयोग होता है ।  मिट्टी की उर्वरता बनाये रखने के किये सभी प्रकार की खादों का उपयोग किया जाता है । जीवन निर्वाह कृषि मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण बिहार के कुछ भागों, साथ ही देश के अधिकांश पर्वतीय प्रदेशों में की जाती है ।

ब्रह्मपुत्र नदी की किन्हीं दो सहायक नदियों के नाम लिखिए ।

ब्रह्मपुत्र नदी की किन्हीं दो सहायक नदियों के नाम लिखिए । ब्रह्मपुत्र नदी की किन्हीं दो सहायक नदियों के नाम - 1. सुवनश्री 2. तिस्ता 3. लोहित

भारत में कार्यपालिका और विधायिका के मध्य निकट संबंधों का वर्णन कीजिये ।

भारत में कार्यपालिका और विधायिका के मध्य निकट संबंधों का वर्णन कीजिये । Describe the state of close relationship between the legislature and executive in India. कार्यपालिका संघीय कार्यपालिका में राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति और राष्‍ट्रपति को सहायता करने एवं सलाह देने के लिये अध्‍यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री के साथ मंत्रिपरिषद होती है। केंद्र की कार्यपालिका शक्ति राष्‍ट्रपति को प्राप्‍त होती है, जो उसके द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर संविधान सम्मत तरीके से इस्तेमाल की जाती है। राष्‍ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्‍य तथा राज्‍यों में विधानसभा के सदस्‍य समानुपातिक प्रतिनिधित्‍व प्रणाली के तहत मतदान करते हैं। उपराष्‍ट्रपति के चुनाव में एकल हस्तांतरणीय मत द्वारा संसद के दोनों सदनों के सदस्‍य मतदान के पात्र होते हैं। राष्‍ट्रपति को उसके कार्यों में सहायता करने और सलाह देने के लिये प्रधानमंत्री के नेतृत्‍व में मंत्रिपरिषद होती है। प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्‍ट्रपति द्वारा की जाती है और वह प्रधानमंत्री की सलाह पर अन्‍य मंत्रियों की नियुक्ति करता है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रू...